एसओपी के बावजूद नहीं खुलने वाले पा रहे हैं स्विमिंग पूल, खिलाड़ी बोले- पिछले छह महीने से पूल में नहीं उतरे हैं

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भाेपाल में काेराना संक्रमण के कारण खेल और युवा कल्याण विभाग ने अपने खिलाड़ियाें के ओपन जिम की व्यवस्था की है।

  • केंद्र व राज्य सरकारें दे चुके हैं पूल खोलने की अनुमति, संक्रमण का खतरा देखते हुए नहीं खुलने वाले पूल

केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के बावजूद शहर के स्विमिंग पूल नहीं खुल रहे हैं। पूल नहीं खुलने की मुख्य वजह काेरेना संक्रमण है। एक ही पूल में एक साथ कई खिलाडिय़ों के उतरने से संक्रमण फैलने की संभावना कुछ ज्यादा रहती है जबकि दूसरी वजह तैराकी का मौसम खत्म होने की ओर हाएना बताया जा रहा है।

सामान्य हेनेंड में स्विमिंग पूल 31 अक्टूबर या 15 नवंबर तक बंद कर दिए जाते हैं। इधर, खिलाड़ी परेशान हैं। उनका कहना है कि पिछले छह महीने में काफी नुकसान हुआ है। प्रैक्टिस चुन गया है। केंद्र की गाइडलान 30 सितंबर काे आ गया था।

पूल प्रबंधन रुचि दिखाता है ताे लगभग एक-डेढ़ महीने का अभ्यास मिल जाता है। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बता दें कि शहर में करीब 350 रजिस्टर्ड स्विमर हैं। ये 40-45 खिलाड़ी काेर ग्रुप के हैं, जिन्हें प्रदेश काे पदकाें की आस है।

पहले यह जिम टीटी नगर स्टेडियम के एयरकूलित मंगल कलाकार हाॅल के बेमेंट में था, जाे फेंड तरफ से बंद था।  बंद कमरे की बजाय अब यह केंटीन के ऊपर खुली छत पर स्थापित कर दिया गया है, जिससे खिलाड़ी खुले में वर्कआउट कर सकते हैं।

पहले यह जिम टीटी नगर स्टेडियम के एयरकूलित मंगल कलाकार हाॅल के बेमेंट में था, जाे फेंड तरफ से बंद था। बंद कमरे की बजाय अब यह केंटीन के ऊपर खुली छत पर स्थापित कर दिया गया है, जिससे खिलाड़ी खुले में वर्कआउट कर सकते हैं।

पूल खुलना चाहिए, खिलाड़ियाें काे अभ्यास का माैका मिलेगा

इसमें दाए राय नहीं कि सीजन समाप्त की ओर है, लेकिन पूल खुलना चाहिए। खिलाड़ियाें काे किसी दिन के लिए ही सही अभ्यास का माैका मिलेगा। शहर में लगभग 350 खिलाड़ी हैं, जाे विभिन्न पूलाें में अपने खेल का निखारते हैं। छह महीने में काफी नुकसान हुआ है। अगर अभी तक नहीं खुले ताे सीधे-सीधे एक साल का गे हाेेंगे। -रामकुमार खिलरानी, ​​सचिव भाेपाल तैराकी एसासिएशन और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी

इसी तरह के खुले जिम में मध्यप्रदेश औरमियाें के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।  वाटर राएवार्स मशीन पर इंटरनेशनल ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी सहित अन्य ताइक्वांडर्स खिलाड़ी।

इसी तरह के खुले जिम में मध्यप्रदेश औरमियाें के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। वाटर राएवार्स मशीन पर इंटरनेशनल ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी सहित अन्य ताइक्वांडर्स खिलाड़ी।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

  • हमारी तैयारी पूरी है। बस परमिशन लेना है। काेराना के कारण परमिशन नहीं ले पाया। इसलिए पूल नहीं खुल पाया है। एक-दाए दिन में संभावना है। छाेटे पूल में पानी भी भर दिया है। -राजेश सूद, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सीपीए और प्रभारी प्रकाश तरण ताल
  • हमारा पूल सिर्फ फिटनस क्लब है। अभी खिलाड़ियाें काे ही परमिशन मिला है, सदस्याें काे नहीं। सीजन भी समाप्त हो रहा है। फिर भी वरिष्ठ कार्यालय जो आदेश देगा। उसका पालन किया जाएगा। -राजीव सक्सेना, मैनेजर अर्जुन फिटनैस क्लब
  • हमने गाइडलाइन के अनुसार स्विमिंग पूल शुरू कर दिया था, लेकिन वर्तमान में चार-पाँच खिलाओं काे ही प्रशिक्षण दे रहे हैं। अभी भी पैरेंट्स अपने बच्चेें काे पूल भेजने में हिचकिचा रहे हैं। -सीएस धाकड़, डायरेक्टर आरपीएम तैराकी अकादमी
  • एसओपी के अनुसार वर्तमान में पूल चलाना मुश्किल है। सीजन भी समापन की ओर से है। इसलिए बेहतर है कि इसे अगले सीजन से शुरू किया जाए। प्राएफेशनल प्लेयर का नुकसान ताे हुआ है। -ओपी अवस्थी, संचालक राजीव गांधी पूल

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