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इन उपायों से दूर होगी तनाव-चिंता की समस्या, मनोचिकित्सक का सुझाव

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हमारे जीवन में कई कारणों से तनाव या चिंता की समस्या हो सकती है। वैसे तो इन भावनाओं को काफी सामान्य माना जाता है, हालांकि अगर तनाव या चिंता डिप्रेशन का रूप लेने लगे, या फिर इन स्थितियों के कारण आपका सामान्य जीवन और कार्य प्रभावित होने लगे तो ऐसे में सावधान हो जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बनी रहने वाली चिंता या तनाव की स्थिति धीरे-धीरे रिश्तों में उलझन का कारण बनने लगती है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इन्हीं समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 10 अक्टूबर को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर हम तनाव के कारण को भी सही से समझ नहीं पाते हैं, ऐसी स्थिति और भी समस्यापूर्ण हो जाती है। आइए आगे की स्लाइडों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जानते हैं कि तनाव या चिंता के साथ तमाम अन्य मानसिक समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है?

क्यों होती है तनाव-चिंता की समस्या?
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी बताते हैं, तनाव-चिंता की समस्या कई कारणों से हो सकती है। काम के दबाव, सामाजिक-पारिवारिक कारणों के चलते तनाव या चिंतित महसूस करना सामान्य है, हालांकि यह समस्या अगर आपको लगातर बनी रहती है और इसके चलते आपके दैनिक कार्यों पर प्रभाव पड़ता है, तो इस बारे में समय रहते मनोचिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। हमारे जीवनशैली की कुछ खराब आदतों को भी इन समस्याओं को ट्रिगर करने वाला माना जाता है।

यह आदतें बन सकती हैं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण?
डॉ सत्यकांत बताते हैं कोरोना के इस दौर में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामले पहले से अधिक बढ़ गए हैं। इसके अलावा नींद पूरी न होना या खराब नींद का पैटर्न, कैफीन या निकोटीन का बहुत ज्यादा सेवन, जंक फूड, व्यायाम और आहार में पौष्टिकता की कमी के कारण लोगों में इस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा कोरोना के इस अनिश्चितता भरे समय ने लोगों में तनाव-चिंता और अवसाद के खतरे के पहले की अपेक्षा कहीं अधिक बढ़ा दिया है।

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मानसिक समस्याओं से निजात पाने का पहला उपाय

1. पर्याप्त नींद और व्यायाम आवश्यक
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत बताते हैं मानसिक स्वास्थ्य की तमाम समस्याओं से बचे रहने के लिए सभी लोगों को रात में 6-8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इसके अलावा व्यायाम करना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। व्यायाम करने में मस्तिष्क में सेरोटेनिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है, जिससे आपको खुशी महसूस होता है। नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। नींद हमारे मस्तिष्क में सूचना प्रसारित करने वाले रसायनों को नियंत्रित करने में मदद करती है। ये रसायन हमारे मूड और भावनाओं को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण हैं।

मानसिक समस्याओं से निजात पाने का दूसरा उपाय

शराब पीना और धूम्रपान से रहें दूर
डॉ सत्याकांत बताते हैं, शराब पीना और धूम्रपान न सिर्फ मानसिक बल्कि हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक माने जाते हैं। लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में शराब पीने से आपमें थायमिन की कमी हो सकती है। थायमिन हमारे मस्तिष्क के कार्य के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी कमी से गंभीर स्मृति समस्याएं, मोटर (समन्वय) समस्याएं, भ्रम और आंखों की समस्याएं हो सकती हैं। वहीं धूम्रपान के कारण चिड़चिड़ेपन और चिंता की भावना बढ़ जाती है।

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