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 घुटनों का दर्द ना बन जाए बड़ी मुसीबत, अभी से अपना लें ये उपाय, दर्द की होगी छुट्टी

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हमारे हिलने-डुलने, चलने-फिरने या कुछ चीज उठाने में शरीर के विभिन्न जोड़ मदद करते हैं. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ जोड़ों में दर्द यानी अर्थराइटिस की समस्या (foods for arthritis) शुरू हो जाती है और रोजमर्रा के जीवन में काफी तकलीफ और असहजता का सामना करना पड़ता है. लेकिन कुछ हेल्दी फूड्स का सेवन ना सिर्फ जोड़ों का दर्द कम (foods to reduce joint pain) करने में फायदेमंद होता है, बल्कि भविष्य में अर्थराइटिस के खतरे को भी कम करता है.

Arthritis Meaning: अर्थराइटिस क्या है?
जेपी हॉस्पिटल के Department of Rheumatology के साथ बतौर एग्जीक्यूटिव कंसल्टेंट कार्यरत Dr. Suvrat Arya का कहना है कि अर्थराइटिस एक मेडिकल टर्म है, जिसके अंतर्गत जोड़ों में दर्द (Joint Pain), सूजन, अकड़न व अन्य रोग आते हैं. आमतौर पर, एक या एक से अधिक शारीरिक जोड़ में इंफ्लामेशन (सूजन, दर्द आदि) को अर्थराइटिस कहा जाता है. अर्थराइटिस के लक्षणों (arthritis symptoms in hindi) की बात करें, तो इसमें दर्द, अकड़न, सूजन, जोड़ों का पूरी तरह ना मुड़ पाना आदि शामिल होते हैं. आपको बता दें कि हर साल 12 अक्टूबर को दुनियाभर में विश्व अर्थराइटिस दिवस (World Arthritis Day 2021) मनाया जाता है.

जोड़ों का दर्द (अर्थराइटिस) दूर करने के लिए क्या खाएं?

Dr. Suvrat Arya का कहना है कि, जोड़ों का दर्द कम करने के लिए उनके ऊपर से प्रेशर व तनाव हटाना बहुत जरूरी है. जिसमें एक हेल्दी व बैलेंस्ड डाइट और हेल्दी बॉडीवेट काफी महत्वपूर्ण रोल निभाता है. इसलिए, अर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने के लिए आप अपनी डाइट में निम्नलिखित फूड्स को शामिल कर सकते हैं.

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ओमेगा-3 फैटी एसिड/फिश ऑयल
इंसान के स्वास्थ्य के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड काफी महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जिसे प्राप्त करने के लिए कोल्ड-वॉटर फिश (ठंडे पानी में मिलने वाली मछली) बेहतरीन स्त्रोत है. इसलिए आप ओमेगा-3 लेने के लिए टूना (tuna), सैल्मन (salmon), ट्राउट (trout), हैलबट (halibut) और सार्डिन (sardines) जैसी ठंडे पानी की मछलियों का सेवन कर सकते हैं. अगर आप मछली का सेवन नहीं करना चाहते हैं, तो आप फिश ऑयल सप्लीमेंट के विकल्प की तरफ भी जा सकते हैं.

नट्स और सीड्स
वीगन और शाकाहारी लोगों को ओमेगा-3 फैटी एसिड से वंचित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ठंडे पानी की मछलियों के अलावा कई तरह के नट्स और सीड्स (मेवा और बीज) के सेवन से भी इस महत्वपूर्ण पोषक तत्व को प्राप्त किया जा सकता है. आप रोजाना अखरोट, बादाम, फ्लैक्स सीड्स, चिया सीड्स और पाइन नट्स की थोड़ी-थोड़ी मात्रा का सेवन करके भी कनेक्टिव टिश्यूज और जोड़ों की इंफ्लामेशन (Inflammation in Joints) को दूर कर सकते हैं.

Knee Pain Relief: चेरीज
Dr. Suvrat Arya के मुताबिक, चेरीज का लाल रंग उनमें मौजूद एंथोसायनिन कंपाउंड के कारण होता है. ये एक प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इंफ्लामेशन को कम करने में मदद करते हैं. अगर कुछ शोधों की बात मानी जाए, तो चेरीज का सेवन अर्थराइटिस से बचाव व घुटनों में दर्द (Knee pain treatment) जैसे अर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद करता है.

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क्विनोआ

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एक्सपर्ट के मुताबिक, सीलिएक डिजीज और ग्लूटेन सेंसिटिविटी के कारण कुछ लोगों में गेंहू, जौ और राई का सेवन करने से अर्थराइटिस की समस्या विकसित हो जाती है. ऐसे लोग जोड़ों के दर्द से बचने के लिए क्विनोआ या चावल, राजगिरा और बाजरा जैसे ग्लूटेन-फ्री अनाज (Gluten-Free Foods) का सेवन कर सकते हैं.

Diet in Arthritis: हल्दी
भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाला यह पीला मसाला जोड़ों के दर्द से राहत दिला सकता है. क्योंकि, हल्दी में curcumin compound होता है और कुछ शोधों के मुताबिक यह तत्व जोड़ों को इंफ्लामेशन के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है.

ग्रीन टी
ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में catechins पाया जाता है. यह एक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो ऑस्टियोअर्थराइटिस (अर्थराइटिस का एक प्रकार) में होने वाले कार्टिलेज डैमेज से सुरक्षा प्रदान करता है.

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Foods in arthritis: ब्रॉकली

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ब्रॉकली या गोभी परिवार से ताल्लुक रखने वाले अन्य फूड्स में sulforaphane पाया जाता है. यह भी एक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिसमें सल्फर मौजूद होता है. यह एंटीऑक्सीडेंट शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ाने वाले साइटोकाइन को नष्ट करने में मदद करता है. इसलिए आप अर्थराइटिस के मरीज की डाइट में ब्रॉकली को जरूर शामिल करें.

साबुत अनाज
एक्सपर्ट के मुताबिक, जोड़ों को स्वस्थ बनाकर अर्थराइटिस की इंफ्लामेशन को कम करने में ब्राउन राइस, ओटमील और व्होल व्हीट ब्रेड (Whole Wheat Bread) का सेवन मददगार हो सकता है. क्योंकि, अत्यधिक वजन से ग्रसित वयस्कों पर हुई एक स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों ने 12 हफ्तों तक रिफाइंड ग्रेन की जगह साबुत अनाज का सेवन किया था, उनमें इंफ्लामेशन का संकेत देने वाले सी-रेक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) में कमी देखी गई.

जोड़ों के दर्द में इन चीजों से रहें दूर (Foods to avoid in arthritis)
Dr. Suvrat Arya का कहना है कि अर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द में फैट और शुगर की उच्च मात्रा वाले फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए. क्योंकि, शोधों में यह देखा गया है कि फैट व शुगर वाले फूड्स का अत्यधिक सेवन ना सिर्फ आपका शारीरिक वजन और जोड़ों पर पड़ रहे भार में बढ़ोतरी करता है, बल्कि जोड़ों में इंफ्लामेशन (सूजन) भी बढ़ाता है. इसलिए, इन अस्वस्थ आदतों से दूरी बनाने पर यकीनन अर्थराइटिस की मरीज को फायदा मिलेगा.

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