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बार-बार पेशाब करने की आपकी इच्छा क्या बताती है आपके स्वास्थ्य के बारे में, जानिए

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बार-बार वॉशरूम जाने की इच्छा काफी परेशान करने वाली हो सकती है. खासकर जब आप किसी जरूरी काम या जर्नी के बीच में हों तो ये काफी परेशानी की वजह बन सकता है.

पेशाब करने की जरूरत को कई फैक्टर्स से जोड़ा जा सकता है, जिनमें से कुछ मैनेजेबल हैं, जबकि दूसरे कुछ हेल्थ कंडीशंस से संबंधित हैं जिनकी आप मदद नहीं कर सकते हैं.

अगर आप कोई ऐसे व्यक्ति हैं जो बार-बार वॉशरूम जाने को लेकर परेशान हैं, तो ये नीचे लिस्टेड हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह हो सकता है. दूसरे लक्षणों पर ध्यान देना और अपना टेस्ट करवाना सबसे अच्छा होता है.

1. यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन (यूटीआई)

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किडनी, यूरेटर्स, ब्लाडर और यूरेथ्रा से युक्त एक इनफेक्टेड टयूरिनरी सिस्टम को यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन कहा जाता है. ये तब होता है जब बैक्टीरिया जैसे माइक्रोब्स यूरिनरी ट्रैक्ट की सुरक्षा को संभाल लेते हैं, जिससे पेशाब करने के लिए बार-बार आग्रह, पेशाब करते समय दर्द, जलन, पेट दर्द और बहुत कुछ समेत लक्षण दिखाई देते हैं. यूरिनरी ट्रैक्ट का इनफेक्शन पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकता है और तकरीबन समान लक्षण पैदा कर सकता है.

2. डायबिटीज

बार-बार पेशाब आना टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज की वजह से भी हो सकता है. अनकंट्रोल्ड डायबिटीज का मतलब है शरीर में हाई ब्लड शुगर का लेवल, जिसकी वजह से यूरीन के रूप में किडनी से ज्यादा फ्लूइड निकलता है. इससे ज्यादा प्यास और भूख, वजन कम होना, थकान, विजन संबंधी समस्याएं, मूड में बदलाव और बहुत कुछ हो सकता है.

3. थायरॉइड

हाइपरथायरायडिज्म एक ऐसी कंडीशन को रेफर करता है जिसमें थायरॉयड ग्लैंड बहुत ज्यादा एक्टिव होती है और सामान्य से ज्यादा हार्मोन का प्रोडक्शन करती है. ये किडनी के कामों को प्रभावित कर सकता है, जिससे बार-बार पेशाब आता है. दूसरे लक्षणों में वजन कम होना, इरेग्यूलर हार्ट रिदम, इनसोम्निया, बालों का झड़ना और बार-बार मल त्याग करना शामिल हैं.

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4. प्रोस्टेट की समस्या

प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को प्रभावित करने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है. प्रोस्टेट, जो पुरुष रिप्रोडक्टिव सिस्टम में एक स्मॉल ग्लैंड है, लिक्विड का प्रोडक्शन करती है जो स्पर्म को एनरिच करती है. बढ़े हुए प्रोस्टेट से कई कॉम्पलीकेशंस हो सकती हैं, जिसमें बार-बार पेशाब आना, पेशाब के दौरान दर्द या जलन या स्खलन से लेकर पेशाब को रोकने या शुरू करने में कठिनाई हो सकती है.

5. स्ट्रोक

एक स्ट्रोक अक्सर ब्लाडर फंक्शंस को कंट्रोल करने वाली नसों को नुकसान पहुंचा सकता है. ये देखते हुए कि नसें ब्लाडर को उचित संकेत नहीं भेज सकती हैं, ये बार-बार पेशाब आने की वजह बन सकता है, पेशाब को रोकने में असमर्थता यानी यूरीनरी इनकॉन्टिनेंस, पेशाब करने की अचानक इच्छा या पेशाब करने में असमर्थता.

6. ब्लाडर और किडनी स्टोन्स

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ब्लाडर और किडनी स्टोन्स के हार्ड, सॉलिड क्लस्टर्स होते हैं जो अंगों के अंदर बनते हैं. ये ब्लाडर में जलन पैदा कर सकता है और जब ये साइज में बढ़ जाता है, तो ये गंभीर दर्द की वजह बन सकता है. हालांकि, किडनी में बनने वाले स्टोन ब्लाडर स्टोन के समान नहीं होते हैं.

वो अलग तरह से डेवलप होते हैं. लेकिन छोटे किडनी स्टोन्स यूरेटर्स से नीचे ब्लाडर में जा सकती है और जब अनट्रीटेड छोड़ दिया जाता है, तो ये ब्लाडर स्टोन्स में डेवलप हो सकती है, जिससे बार-बार पेशाब आता है और पेट में दर्द और बेचैनी के साथ दूसरे दर्दनाक संवेदनाएं होती हैं.

7. चिंता

जब कोई व्यक्ति घबराहट महसूस करता है और आशंका और भय की भावना से घिर जाता है, तो वो चिंता से निपटता है. शोधकर्ताओं के अनुसार, ये कभी-कभी एक ओवरएक्टिव ब्लाडर की वजह बन सकता है. चिंता मांसपेशियों में तनाव की वजह बनती है, जो माना जाता है कि ब्लाडर के मशल्स को प्रभावित करती है, जिससे पेशाब करने की इच्छा होती है.

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